प्रीत में पूजे नाम तुम्हारा

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

प्रीत में पूजे नाम तुम्हारा गणपति जगत खिवैयाँ

शिव नन्द आज हमारी पार लगाना नैया,

घजराणा में आन विराजे ये मेरे घनराज रे

रिधि सीधी के दाता देखो ये मेरे गणराज रे,

तुम ही दींन बंधू दुःख हरता तुम सर्व जगत के करता

आन विराजो बिछी हुई है आशाओं की छईया

शिव नन्द अब आज हमारी पार लगाना नईया

जय गोरी के लाला

लेकर दरबार तुम्हारे आये ये फूलो की माला

देखो हम को भूल न जाना तू सब का रखवाला,

तुम ही दींन बंधू दुःख हरता तुम सर्व जगत के करता

आन विराजो बिछी हुई है आशाओं की छईया

शिव नन्द अब आज हमारी पार लगाना नईया

जय गोरी के लाला

भगती का ज्ञान देदे हम को शक्ति की ईशा देदे

नस नस में हो प्रेम भावना एसी ईशा दे दे

तुम ही दींन बंधू दुःख हरता तुम सर्व जगत के करता

आन विराजो बिछी हुई है आशाओं की छईया

शिव नन्द अब आज हमारी पार लगाना नईया

जय गोरी के लाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।