अँखियों में नमीं सी हो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अँखियों में नमीं सी हो, दिल बेठा हो हार के

जब कुछ ना नज़र आये, मुझे तू हीं नज़र आये

जब गम के अँधेरे हों, बंद हों सरे रास्ते

जब कुछ ना नज़र आये, मुझे तू हीं नज़र आये

एक तू ही मेरी आस है, एक तू ही सहारा

तेरे नाम से बाबा मेरा, चलता है गुजारा

एक तेरे भरोसे पे, सब बेठा हूँ हार के

उलझन मेरे जीवन की, एक तू हीं सुलझाये

अँखियों के .............

इस जग में प्रभु कोई आपसा, कोई दानी नहीं है

तेरे प्रेमियों के प्रेम का, कोई सानी नहीं है

कोई प्रेमी तेरा मुझको, देख के मुझको मुस्काये

मुझे तू हीं नज़र आये, बस तू ही नज़र आये

अँखियों के .............

कभी सोचता है दिल मेरा, तूने क्या क्या दिया है

जिस चीज के लायक नहीं, तूने वो भी दिया है

तूं ऐसा दयालु है, छूले पत्थर जो प्यार से

फूल उसमे भी खिले, फूल उसमे भी खिले

अँखियों के .............

राजू/ भक्तों को मिले उम्र भर, चरणों में ठिकाना

तेरे नाम से जाने मुझे, ये सारा जमाना

तेरी सेवा में सांवरे, जीवन ये गुजर जाए

जब कुछ न नज़र आये, बस तू ही नज़र आये

अँखियों के .............

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।