जीव जीवन जगत में मिला है तुझे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे भावना भाव भगती भजन के लिए,

मन के मंदिर में मूरत तू एसी सजा

जैसे सजती है सजनी सजन के लिए

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे

हो मगन मन लगाले लगन राम से

तैरे पानी में पत्थर उसी नाम से

हो जा तैयार तृष्णा तदन के लिए

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे

खाली झोली हरी नाम से भर गई जिनके पग रज से गोतम

पिया तर गई राम जाने वो पग रज किधर को गई

बहुत ढूंडा था मैंने नमन के लिए

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे

त्याग कर अपने अन्दर के पट खोल के प्रेम से राधे कृष्णा हरी बोल ले

टोल ले शोंक से भी इसे टोल ले

मेरी कविता है भजनी भजन के लिए

जीव जीवन जगत में मिला है तुझे

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।