आओ रे आओ रे आओ रे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आओ रे आओ रे आओ रे,

कैसे आओ रे किशन थारी ब्रिज नगरी,

आओ रे आओ रे आओ रे,

यमुना जल लाऊ तो कान्हा प्याल मोरी भीगे,

झटपट चलू तो मोरी छलके गगरी

आओ रे आओ रे आओ रे,

किनारे चलू तो कान्हा पायल मोरी भाजे,

बीच में चलू तो बेह जाए गगरी,

आओ रे आओ रे आओ रे,

रात को आऊ तो कान्हा डर मोहे लागे,

दिन में आऊ तो देखे सारी नगरी

आओ रे आओ रे आओ रे,

आईटी मथुरा उत गोकुल नगरी

बीच में यमुना बहे गेहरी,

आओ रे आओ रे आओ ....

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।