जब घनश्याम इस दिल में आने लगे

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जब घनश्याम इस दिल में आने लगे

क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,

आये युही जो इक दिन टेहल ते हुए,

कुछ झिझक ते हुए कुछ सम्बल ते हुए

छुपके छुपके से दिल लेके चलते हुए

मैंने पकड़ा जो बाहर निकल ते हुए

मोहनी डाल कल मुस्कुराने लगे

क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,

इक दिन खाव्ब में खड़े आप है

दिन अडाने की धुन में अड़े आप है

मैं ये बोला के हजरत बड़े आप है

क्यों मेरे दिल के पीछे पड़े आप है,

चोट चितवन की चित पर चलाने लगे

क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,

इक दिन आप आये तो इस तोर से दर्दे दिल बने उठे

दर्दे दिल बन के दिल में उठे जोर से

मैंने देखा उन्हें जब बड़े गोर से

भागने फिर न पाए किसी और से

बन गए बिंदु आँखों से जाने लगे

क्या कहे रंग क्या क्या दिखाने लगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।