मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

झलक बांके बिहारी की मेरे इस मन में बाई है

मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है,

तुम्हारे प्यार में बेहद याहा दुःख क्यों साहा मैंने

हमारी क्यों जमाने में अजब हालत बनाई है

मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है,

तुम्हारे नाम की माला को हम दिन रात जपते है ,

अनोखी चाहते लेकर तुम्हारी याद आई है,

मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है,

सुना है हम ने ये स्वामी दया निधि तुम को कहाते हो

तभी तकदीर भी मेरी मुझे इस दर पे लाई है,

मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है,

कभी शबरी कभी तुलसी कभी सूरा कभी मीरा,

सुदामा भक्त जैसो से बहुत यारी निभाई है

मधुर मुस्कान की महिमा मेरे होठो ने गाई है,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।