बोल जय कारा

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

अब मंदिर बन ने लगा है भगवा रंग चड़ने लगा है

जब मंदिर जाएगा सोच नजारा क्या होगा

बोल जय कारा जय कारा बोल

सिया राम के नारे होंगे दर्शन को सारे होंगे

दर्शन को सारे होंगे सोच नजारा क्या होंगा

बोल जय कारा जय कारा बोल

मंदिर मंदिर जपते जपते हमने कई साल बिताये है

नैनो में दर्श की आस लिए हम अयोध्या आये है है रामायन में राम लला

कं कं में वसते राम लला

करते है नमन उस नगरी को है याहा पे जन्मे राम लला

मंदिर में मूरत होगी प्यारी सी सूरत होगी

प्यारी सी सूरत होगी सोच नजारा क्या होगा

बोल जय कारा जय कारा बोल

है धर्म की जीत बड़ी सब से था इन्तजार हम को कब से

अब सपना वो साकार हुआ जो देखा है हम ने कब से

श्री राम का नाम लिए मुख पे अब निकल पड़े है सब दर से

जीवन ये सुभम का धयने हुआ श्री राम किरपा हुई जब से

सरहिंद का एक ही नारा भगवा चमके जग सारा,

भगवा चमके जग सारा सोच नजारा क्या होगा

बोल जय कारा जय कारा बोल

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।