हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना,

तेरी जय हो घट घट वासी कर्म कमा देना

शिव शिव सदा शिव ध्यान तेरा लगा शिव

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना,

निरा कार सकार स्वामी जय शिव शम्भु अंतरयामी

अभिमान के कारण भोले रावन बन बेठा ख्ल्कामी

सद बुधि दो अविनाशी कर्म कमा देना

शिव शिव सदा शिव ध्यान तेरा लगा शिव

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना

आशुतोष शिव तेरी माया धुप कही और कही पे छाया

उमा पति ने वर्त निभा कर पति रूप शिव तुम को पाया

शक्ति बन गई दासी कर्म कमा देना

शिव शिव सदा शिव ध्यान तेरा लगा शिव

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना

नमो शिवाये जाप जो करते शंकर उनके संकट हरते

दान करे जो बन के दानी

उनके शिव भंडारे भरते

कट जे जून चोरासी कर्म कमा देना

शिव शिव सदा शिव ध्यान तेरा लगा शिव

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना

भस्म रमाने भोले गंग बहाने भोले

द्वार दया के शंकर खोले कमल कपिल पूरी पेहने चोले,

रूह मनी साथी प्यासी कर्म कमा देना

शिव शिव सदा शिव ध्यान तेरा लगा शिव

हे शिव शंकर केलाशी कर्म कमा देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।