पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है भगतो

हैलकोपटर एरोप्लेन सब बेकार है भगतो

पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है भगतो

गया जो भी द्वारे माँ के चढ़ के ये पोड़ीया

माता रानी देती उन्हें लालो की जोड़ियाँ

इक इक पोड़ी ये जो चड़े माथा टेक के

होती खुश वैष्णो माँ प्यार उसका देख के

सालो साल बुलाती उसको माँ दरबार है भगतो

पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है भगतो

पोडियो पे पाँव नही जलते है धुप में

याहा खेले मैया रानी कंजको के रूप में

हर इक पोड़ी पे है मैया की निशानियाँ

हम ने सुनी है कई माँ की कहानियां

देखा भगतो ने याहा माँ को लाखो बार भगतो

पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है भगतो

पोड़ीयो से जाने वाला पोड़ीयो से जाएगा

करे गा ना पालकी न घोडीयो जाएगा

होले होले धीरे धीरे सभी चड जाते है जय माँ जय माँ बोलके सब आगे बड जाते हिया

देखो देखो ये अनोखा चमत्कार एह भगतो

पोड़ी पोड़ी चडके जाने में बड़ा प्यार है भगतो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।