सर्दी गर्मी बरसातो में

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

सर्दी गर्मी बरसातो में जागु मैं तेरे जगरातो में,

नो दिन मेरे घर रेहना माँ अब की बार नोरातो में

सर्दी गर्मी बरसातो में

तेरे रूप सारे लगे मुझको प्यारे करू गा मैं रज रज के तेरे नजरे,

मेरे घर में गूंजे गे तेरे जय कारे धुल जायेगे पाप जन्मो के सारे

तुझे पूजा हर हालातो में तुझे माँगा सो सोगातो में

नो दिन मेरे घर रेहना माँ अब की बार नोरातो में

सर्दी गर्मी बरसातो में

ना करना मेरी माँ तू कोई बहाना मेरी लाज रखना हु तेरा दीवाना

किया है जो वादा तो वादा निभाना

तू आये तो फिर नोराते कर के जाना

जरा झाँक मेरे जज्बातों में ज्योतो से सजी प्रातो में

नो दिन मेरे घर रेहना माँ अब की बार नोरातो में

सर्दी गर्मी बरसातो में

सजाऊगा घर मैं मैं दरबार तेरा

करुगा माँ फूलो से संगार तेरा

नजर रोज तेरी उतारा करुगा

करुगा मा सो बार दीदार तेरा

मेहँदी रचाऊ गा हाथो में

मत टाल न बातो बातो में

नो दिन मेरे घर रेहना माँ अब की बार नोरातो में

सर्दी गर्मी बरसातो में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।