नमो नमो माँ रेवा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तेरे पद पंकज में रेवा सदा वंदना मेरी

नमो नमो माँ रेवा नमो नमो

वेद शाष्त्र सब गाये मैया तेरे नाम की गाथा,

गाट गाट में पानी पी कर सब जन प्यास बूजाता

युग युग से देखी है मैया तेरी धार पुराणी

नमो नमो माँ रेवा

श्रधा भाव से माँ तुझे पूजे दुनिया के नर नारी

हम बालक है आप के मैया आप हो मत हमारी,

अब तो सारा जीवन तेरे चरणों में बितानी,

नमो नमो माँ रेवा

तेरे धार की महिमा सा तेरा गीत बना कर गाये,

कितने साधू संतो को माँ तूने गोद खिलाये,

राजा हो जा रंक सभी को अपने पास बुलाती,

नमो नमो माँ रेवा

आशीष दो सुशांत को युही सदा गुण गाये,

जपे निरंतर जो प्राणी वो पाप मुकत हो जाए,

तेरी महिमा हम न जाने मैया हम अज्ञानी

नमो नमो माँ रेवा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।