मेरी मईया दर्श दिखादे री

- पंडित पवन कोशिक सिद्धिपुरिया
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

मेरी आखियो की प्यास बुझादे री,

मेरी मईया दर्श दिखादे री,

मै तो हुई दीवानों की डाला,

दिन रात रटू तेरी माला

तू आके दिल बहलादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री.....

मेरा आज तो हाल बेहाल होया,

मेरा भाग कड़अ पडके सोया

मेरा सोया भाग जगादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री....

मै तने बता कित्त टोऊ सू ,

तेरी याद में पल पल रोऊ सू

मने रोती हुई ने हसादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री....

मेरी बनती बात बिगड़गी से ,

के पूछे या दुनिया उझडगी से

मेरी दुनिया फेर बसादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री.....

तेरे बिना मेरा कोन खवैया से ,

मझदार पड़ी मेरी नैया से

मेरी नैया पार लगादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री....

तने सारी दुनिया तार दई ,

तेरे भगतां ने झोली पसार लई

भगता के काम बनादे री

मेरी मईया दर्श दिखादे री.....

मेरी आखियो की प्यास बुझादे री,

मेरी मईया दर्श दिखादे री.

लेखक:- पंडित पवन कोशिक सिद्धिपुरिया

गायक. बंटी सैनी सीवन कैथल हरियाणा

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।