डमरू वाले की अजब है माया सारे संसार में तू समाया

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

तेरे दर पे जो भी आता मुह माँगा वर पाता,

उसको वर देते तुम भोले जो द्वारे पर आता

डमरू वाले की अजब है माया सारे संसार में तू समाया,

सारी धरती थर थर कांपे क्रोध में जब तू आवे,

त्रिनेत्र को खोल के भोला तांडव नित दिखावे

ऋषियो ने गुण तेरा गाया भेद तेरा न कोई जान पाया,

डमरू वाले की अजब है माया सारे संसार में तू समाया,

तन पर भस्म रमावे भोला अद्भुत रूप दिखावे,

धरती हिलती अम्बर हिलता नंदी शोर मचावे

भोले ने जब अलख जगाया डम डम डमरू मधुर बजाया

डमरू वाले की अजब है माया सारे संसार में तू समाया,

माँ काली तेरे संग विराजे हाथ में खप्पर साजे

नाग लपेटे बुजंग विषैले तन बागाम्बर साजे

कैसा कैसा रूप दिखाया भोले अद्भुत तेरी माया

डमरू वाले की अजब है माया सारे संसार में तू समाया,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।