बाबा विश्वकर्मा जैसी रचना

पारंपरिक
महादेव भजन विविध भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

बाबा विश्वकर्मा जैसी रचना

विश्व में कोई करता नहीं है

बाबा विश्वकर्मा जैसी रचना

विश्व में कोई करता नहीं है

चाहे देवालय हो या शिवालय

उनके इच्छा के बिन बनता नहीं है

सतयुग में ये स्वर्ग सजाये

द्वापर में ये द्वारिका बनाए

सतयुग में ये स्वर्ग सजाये

द्वापर में ये द्वारिका बनाए

इस युग में भी बिन इनकी कृपा

कोई इंसान चलता नहीं है

इस युग में भी बिन इनकी कृपा

कोई इंसान चलता नहीं है

काला कौशल से अपने बनाए

विश्वकर्मा जी सोने की लंका

खंडहर को भी महल बना दे

आदि अभियंता कोई नहीं है

बाबा विश्वकर्मा जैसी रचना

विश्व में कोई करता नहीं है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।