इंतज़ाम कर दिया है तुमने रोज़ी रोटी का

पारंपरिक
श्री गणेश भजन विविध भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

इंतज़ाम कर दिया है तुमने रोज़ी रोटी का

विश्वकर्मा जी से नक्शा पास करा दे कोठी का

बाबा सुनलो ऐसी मेरी कोठी हो

दूर से ही कोठी के दरवाजे पर दिखे गणेश

जिनके दर्शन से मिट जाये सभी कलेश

ड्रॉइंग रूम और डायनिंग हाल भी हो उच्च कोटि का

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

कोठी के अंदर बाबा तेरा सुन्दर मंदिर हो

सारे देवी देव साथ मंदिर के अंदर हो

घर में रहे प्रकाश भी बाबा तेरी ज्योति का

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

एक रसोई अलग से हो जहा भोग रोज बन जाये

तुझको भोग लगा पहले बाद में हम मिल खाये

आँगन में तुलसी का पौधा हो पट्टी छोटी का

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

मेरी श्याम और सुनलो

खड़ी हो बाबा एक लम्बी सी गाडी

खिली नरसिंघ लक्खा के घर की फुलवारी

शोर हमेशा मचा रहे घर पोते पोती का

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

सुनले मेरी विनती बाबा

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

विश्वकर्माजी से नक्शा पास करादे कोठी का

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।