दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

श्याम की नगरी में जो इक बार चला जाए

दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए

भूले से न भूली जाए वो श्याम की गलियां

दिल को हर ही लेता है वो सांवरियां छलियाँ

उस तीन वान धारी की जिस पर नजर हो जाए,

दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए

हारे का सहारा ये दुखड़े सब हर लेता

रोता हुआ जो जाता है ये अनसु पोंछ देता

खाली झोली वाले झोली भर ले जाए,

दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए

दर्शन करने वालो की लम्भी लगे कतारे,

बाहे फलाये दीवाने बाबा बाबा पुकारे,

वो जिस की बाह पकड़ ले करिश्मा ही हो जाए,

दीवाना हो जाए वो दीवाना ही हो जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।