अंधेरो में बन के जो आया उजाला

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अंधेरो में बन के जो आया उजाला,

वो है खाटू वाला वो है खाटू वाला

भटकता रहा मैं मिला न ठिकाना

हालत पे मेरी हस्ता जमाना

दर दर भटकते को जिसने सम्भाला,

वो है खाटू वाला

बेबस बड़ा हु जिद पे अडा हु

दीनो के दाता तेरे दर पे खड़ा हु

जिस के भरोसे सोंपा जीवन ये सारा,

वो है खाटू वाला

नजर हुई तेरी रोशनी मिली है

उमीदो की फिर से कलियाँ खिली है

जिसकी दया से मेहके गुलशन हमारा

वो है खाटू वाला

नही कोई मुझको किसी से शिकायत

मुझपे है मेरे श्याम की इनायत

अभीशेक निर्मल को जिस ने सवारा,

वो है खाटू वाला

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।