श्याम जी की नोकरी

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ नोट मिले ज्यादा और रेहना खाना है फ्री

मिल गई मिल गई श्री श्याम जी की नोकरी

ओ नोट मिले ज्यादा और रेहना खाना है फ्री

बाई गोड श्याम वैरी इंटेलीजेंट है

जान से प्यारा जिसे हर सर्वेंट है

हारे के सहारे की बात भगतो है खरी

मिल गई मिल गई श्री श्याम जी की नोकरी

हम पीस फुल धाम काम नही खीच खीच है

मांग ने से पेहले देता श्याम बड़ा रिच है

हो अपनी तो रेहती है भैया हर दम जेब भरी

मिल गई मिल गई श्री श्याम जी की नोकरी

फार्म भरो नाम जपके तुम को भी हक है,

टराये कमल सिंह बाकी अपना लक है

घाटे का ना सोदा जी केहता मैं डोंट वोर्री

मिल गई मिल गई श्री श्याम जी की नोकरी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।