बाबा तेरी झांकी मंगल करती

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

बाबा तेरी झांकी मंगल करती सब के दुखड़े हरती बाबा तेरी झांकी,

मेहंदीपुर में वास तेरा से लीला अजब तिहारी से,

प्रेत राज और भेरव तेरे साथी भी बलधारी से,

दर पे सवाली भगत तेरे बन के खड़े पुजारी से,

प्यारी तेरी सूरत पे सब जाए बलिहारी से,

बाबा तेरी झांकी मंगल करती सब के दुखड़े हरती बाबा तेरी झांकी,

लाली लगे सिंदूर की तेरा चोला लाल निराला है,

सोना मंदिर मंदिर में तू राम भक्त मतवाला है,

नैना तेरे दो मोटे से भगतो पे जादू डाला है

हिरदये में सिया राम वसे हाथो में नाम का प्याला है

बाबा तेरी झांकी मंगल करती सब के दुखड़े हरती बाबा तेरी झांकी,

जिस ने देखि झांकी तेरी वो तुझपे कुर्बान गया

भगत कमल सिंह अब जय खोजू मिल मेरा भगवान् गया,

अगर जगत में क्या रेह जाता है जब तेरे में लग ध्यान गया

जिस के सिर पे हाथ तेरा वो धन्ये हो इंसान गया,

बाबा तेरी झांकी मंगल करती सब के दुखड़े हरती बाबा तेरी झांकी,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।