दीवाने है तुम्हारे नाम के हम तो दीवाने है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दीवाने है तुम्हारे नाम के हम तो दीवाने है

तुम्हारे नाम के आशिक तो हम सदियों पुराने है

हे बांधा प्रीत का बंधन तुमसे हम ने जो सांवरियां

ये रिश्ता प्यार से तुम को भी मेरे संग निभाने है

दीवाने है तुम्हारे नाम के हम तो दीवाने है

है मकसद जिन्दगी का बस तुम्हारी चाकरी करना

हमे लगता है अच्छा श्यम तेरी नोकरी करना

गुजरते है तुम्हे जो याद करके वो हंसी लम्हे

वो इक इक पल तुम्हारे नाम के लगते सुहाने है

दीवाने है तुम्हारे नाम के हम तो दीवाने है

बिठाया मन के मंदिर में तुम्हारे संवारे मूरत

इन आँखों की जरूरत बन गई तेरी प्यारी सूरत

ना हो जब तक तेरा दीदार पाती चैन न आँखे

मेरी दीवानगी को संवारे तू खूब जाने है

दीवाने है तुम्हारे नाम के हम तो दीवाने है

तुम्हारे नाम की मुझपे एसी चडी खुमारी है,

समज में ये नही आता ये कैसी बेकरारी है

तुम्हे नाम की मस्ती में कुंदन खो या रेहता है

सुना लखा ने कितने और भी तेरे फसाने है,

तुम्हारे नाम के आशिक तो हम सदियों पुराने है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।