ओ मोहन प्यारे बन गए नैना ये सावन

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

ओ मोहन प्यारे बन गए नैना ये सावन के अब तो आ जाओ मोहन

हर पल तुझे पुकारे मन

तेरी ही याद में बचपन बीता तेरे ही सपने सजाये,

आंधी एसी फिर चली भटकू मैं फिर गली गली कब दोगे मुझे दर्शन ,

ओ मोहन प्यारे बन गए नैना ये सावन के अब तो आ जाओ मोहन

मैं सुहागन तेरी मोहन तुझको पति मैंने माना

नही आई है बारात मेरे हुए न पीले हाथ

फिर भी मीरा है तेरी दुल्हन

ओ मोहन प्यारे बन गए नैना ये सावन के अब तो आ जाओ मोहन

पी गई मैं तो जेहर का प्याला तेरे लई मेरे मोहन

देती दुनिया है ताने तू न दर्द मेरा जाने बिन बदरा के बरसे नैन

ओ मोहन प्यारे बन गए नैना ये सावन के अब तो आ जाओ मोहन

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।