गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

म्हारा श्याम जी ने सोवे यो गुलाब गजरो,

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

ऐसो भाग गुलाब को देख्यो श्याम का मन नही भाये,

लाल गुलाब ने पेहन के बाबा श्याम लाल हो जाए,

म्हारा श्याम जी ने सोवे यो गुलाब गजरो,

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

पेहन के गजरो श्याम सांवरियां म्हाने दर्श दिखाए,

झाडो देदे मोरछड़ी को दुःख मारा कट जाए,

म्हारा श्याम जी ने सोवे यो गुलाब गजरो,

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

बंदडो सो थारो रूप देखन ने जी म्हारो ललचाये,

म्हाने बसा ले तू खाटू में रोज दर्श हो जाए,

म्हारा श्याम जी ने सोवे यो गुलाब गजरो,

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

अविनाश थारा भजन बनावे श्याम धनि ने ध्यावे ,

सब भगता की यही विनती दर्श तेरा हो जाए,

म्हारा श्याम जी ने सोवे यो गुलाब गजरो,

गुलाब गजरो यो फुला को गजरो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।