तू छुपी कहा है मैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तू छुपी कहा है मैया है कहा तेरा ठिकाना

दर दर भटक रहा है कब से तेरा दीवाना,

तू छुपी कहा है मैया

मैं जानता हु तू भी माँ मेरे बिन उदास होगी

तुझे ढूडता हु मैं तुझे भी मेरी तलाश होगी

कोई तोड़ न सकेगा रिश्ता है ये पुराना,

तू छुपी कहा है मैया

हर इक सांस दातिये कर दू तेरे हवाले

सारे जहा को छोड़ दू अपने जो तू बना ले

तुझको मिले पुजारी मुझको मिले ठिकाना,

तू छुपी कहा है मैया

प्यार पे जरा सा माँ लोकेश का भी हक है

कुछ और तुझसे माँ कभी माँगा न आक तक है

मेरे नाम लिखदे आपनी ममता का माँ खजाना

तू छुपी कहा है मैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।