राम जपो राम

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

राम राम राम राम जपो राम राम राम,

राम ही आगाज है और राम ही अंजाम

राम नाम गाये जो पा जाएगा वो चारो धाम

राम राम राम राम जपो राम राम राम,

जो तुझमे मुझमे बोलता है राम ही तो है

जो पाप पुण्ये तोलता है राम ही तो है

उस से बड़ा न देव कोई है न संत है,

उस से ही तू जन्मा है तेरा वो ही अंत है

हर रात की सुबह है वो हर सुबह ही की है शाम

राम राम राम राम जपो राम राम राम,

जब तक चले ये सांस जपो राम की माला

पापो के अंधेरो में है ये नाम उजाला

तू है पतंग डोर तेरी उस के हाथ है

उस के बिना उड़े तू तेरी क्या बिसात है,

दुःख की घडी में आता है बस राम सब के काम,

राम राम राम राम जपो राम राम राम,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।