आ गई हु खाटू बाबा खोल दे तू किस्मत को

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

आ गई हु खाटू बाबा खोल दे तू किस्मत को

मैंने देखा है बरसते सब पे तेरी रहमत को

इतने दिन क्यों दूर रखा सुन मेरी गुजारिश को,

भगत की हु दुनिया से मैं देख ले तू हालत को

है नसीब उनके भी दर तेरे जो आते है

खाटू जो भी जाते है गुण तेरे ही गाते है,

तुम सवारों खाटू वाले रूठी मेरी किस्मत को

थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को

है सहारा बाबा उनका जो भी हारे आया है

उनको थामा है तुम ने जग का जो है सताया है

तुम सहारा देना मुझको देना अपनी रहमत को

थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को

क्या हुई है भूल मेरी जो मुझे बुलाया है

है सुनीता बेटी तेरी है मदन पे तेरा भी साया,

तेरा मुझपे है साया तुलसी तेरे दर का चाकर मांगे तेरी रहमत को

थक चुकी हु दुनिया से देख ले तू हा लत को

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।