कल तक मीरा तेरी दीवानी थी आज मेरी बारी है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

दिल की बात बता रहू तुझको ओ मेरे श्याम

इक झलक जो पा लू तेरी मुझको मिले आराम

तेरी महोबत को नया अंजाम देनी की तयारी है

कल तक मीरा तेरी दीवानी थी आज मेरी बारी है

रंग गई तेरे रंग में मैं तो होगी कान्हा तेरी

तूम भी अपना मान लो मुझको ये अरमान है मेरी

कह दूंगी मैं सब से की मेरे बांके बिहारी है

कल तक मीरा तेरी दीवानी थी आज मेरी बारी है

अब तो तेरे बिना कही न चैन आये मुझको

अपने दिल के ये जज्बात बता रही हु तुझको

लग गई मुझको भी कान्हा नाम की बीमारी है,

कल तक मीरा तेरी दीवानी थी आज मेरी बारी है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।