हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

दो चार जनों की बात तो क्या संसार का मालिक हो जाए,

रावन ने राम से वैर किया अब तक भी जलाया जाता है,

बन भगत भभिशन शरण गए घर बार उसकी का हो जाए

हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

घनिका ने कौन से वेद पड़े शबरी क्या रूप की रानी थी

जिस में छल कपट का लेश नही श्री राम उसी का बन जाए

हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

माया के पुजारी सुन लो तुम उस प्रेम दीवानी मीरा से,

अगर प्रेम हो मीरा सा मन में मोहन भी तेरा हो जाए,

हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

मेरी मान ले तू ओ मन मुर्ख तू मन से ममता त्याग अभी

ले रोम रोम में राम रमा दीदार उसी पल हो जाए

हे राम तुम्हारे चरणों में जब प्यार किसी को हो जाए

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।