क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा

पारंपरिक
अन्य भजन साईं भजन bhajan
॥ पावन पाठ ॥

क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा करू मेरी बिगड़ी बनाना तेरे हाथ है

गर्दिशो से जमाने की मैं क्यों डरु मेरे तो साईं तू साथ है

क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा करू मेरी बिगड़ी बनाना तेरे हाथ है

तेरा साया जो जिस पे वो खुशहाल है,

बाल बांका न हो जिस की तू ढाल है,

तुझसे क्या है छिपा साईं बाबा मेरे सामने तेरे हालत है

क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा करू मेरी बिगड़ी बनाना तेरे हाथ है

सचे मन से यो मांगे है तुझे कोई

पूरी इक पल में आशा भी उसकी हुई,

तेरे दरबार में साईं पूरी हो वो

मन में मेरे भी जो बात है

क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा करू मेरी बिगड़ी बनाना तेरे हाथ है

हम गुलामो की सुन तुझसे है इल्तजा

सब की बिगड़ी बना दे यही है दुआ,

तेरे दर से कोई खाली जाता नही सब को मिल जाती सोगात है

क्या शिकायत करू क्या मैं शिकवा करू मेरी बिगड़ी बनाना तेरे हाथ है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।