मैं इक नन्हा सा छोटा सा बच्चा हु

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं इक नन्हा सा छोटा सा बच्चा हु

तुम हो बड़े बलवान प्रभु जी मेरी लाज रखो

मैंने सुना है तुमने याहा पे लाखो के दुःख टाले,

मेरा दुःख भी टालो तो जानू

चकर सुदर्शन वाले

मैं इक नन्हा सा बच्चा हु मुझ पे धरो कुछ ध्यान

प्रभु जी मेरे लाज रखो

तुम को दयालू अपना समज के मैंने आज पुकारा

मुझ निर्बल का हाथ पकड़ लो देदो नाथ सहारा ,

मैं इक नन्हा सा बच्चा हु मैं भी तुम्हारी संतान

प्रभु जी मेरे लाज रखो

मैं आया हु आज तुम्हारे द्वार पे आस लगाये

ऐसा कोई यत्न करो जब सांच को आंच न आये

मैं इक नन्हा सा बच्चा हु बिगड़ी बना दो आज

प्रभु जी मेरे लाज रखो

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।