लगे दुल्हन सी अवध नगरी मेरे प्रभु राम आये है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

जलाओ दीप घर घर में मेरे प्रभु राम आये है

लगे दुल्हन सी अवध नगरी मेरे प्रभु राम आये है

हुए अरमान अब पुरे जो बरोसे से हिरदये में थे,

जन्म भूमि पे मंदिर हो प्रभु तम्बू में कब से थे,

लो अब आई है शुभ वेला जीतने संग्राम आये है

लगे दुल्हन सी अवध नगरी मेरे प्रभु राम आये है

तभी संतो का भगतो का हुआ संकल्प अब पूरा

बहुत पेहले जो होना या हुआ अब काम वो पूरा,

करो जय गोश सब मिल कर जीत संग्राम आये है

लगे दुल्हन सी अवध नगरी मेरे प्रभु राम आये है

दीवाने राम जी के हम राम प्राणों से प्यारे है

अवध नगरी के कं कं में वसे राघव हमारे है

करो गुणगान सब मिल कर अवध की शान आये है

लगे दुल्हन सी अवध नगरी मेरे प्रभु राम आये है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।