मेरे राम प्रभु का मंदिर भव्य बनायेगे,

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हर घर में और गली शहर में हम को भगवा लेहराना है

मेरे राम प्रभु का मंदिर भव्य बनायेगे,

भारत का हर बचा युवा झूम रहे नर नारी

राम लला के मंदिर की कर ली सब ने तयारी,

वर्सो से आँखों का सपना अब पूरा कर जाना है

मेरे राम प्रभु का मंदिर भव्य बनायेगे,

राम नाम भगती रस प्याला पी रखा है हम ने

वो अयोध्या नगरी है याहा राम जी जन्मे

राम के बंसज हम को इतहास नया लिख जाना है,

मेरे राम प्रभु का मंदिर भव्य बनायेगे,

धन्ये है भगवा धन्ये है हिन्दू भारत देश की माटी

तेरी महिमा गाता ये चोहान रवि भर घाटी,

भगवा रंग झंडा हम को दुनिया में लेहराना है

मेरे राम प्रभु का मंदिर भव्य बनायेगे,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।