हारे का सहारा बाबा दिन है या रात है

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

हारे का सहारा बाबा दिन है या रात है

श्याम जी बैठे है फिर चिंता की क्या बात है

लाखो है भगत जिन्होंने खाये है धोखे

एक बार देखो जरा बाबा के होके

भूल जाओ जो भी पगले हुआ तेरे साथ है

कोई कहे बेटा बहु बड़े ही नालायक रे

कोई कहे घाटा पड़ा बड़ा दुखदायक रे

देर से सही पर मेरा थाम लिया हाथ है

पूरी तरह सुखी नहीं कोई दुनियादारी में

मजा है कमल सिंह बाबा श्याम जी की यारी में

जाग गयी किसमत समझो नहीं प्रभात है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।