हे विष्णु के अवतार बाबा गंगाराम

पारंपरिक
श्री राम भजन विविध भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

हे विष्णु के अवतार बाबा गंगाराम

गंगाराम प्रभु गंगा राम पतित पावन तेरो नाम

श्रृष्टि के पालनहार बाबा गंगाराम

सत्ये सवरूप है कलिमल हारी

लक्ष्मी सूत है लीला धारी,

तेरो साँचो है दरबार

बाबा गंगाराम

शेवत वर्ण पिताम्बर सोहे

शीश मुकट भगतन मन मोहे

मन भावन है शिंगार बाबा गंगाराम

पंच देव मंदिर में विराजत,

दरबार तुम्हारे नोबत भाजत,

तेरी महिमा अपरम पार

बाबा गंगाराम

भगतन हित कलयुग में आये

सोरव मधुकर गुण तेरे गाये,

तेरी हो रही जय जय कार

बाबा गंगाराम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।