ले नाच मेरे साथियां जगराते में दी जे बाजे नाच

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

घनपति भप्पा आये है ले रिधि सीधी साथ

धरती झूमे अम्बर झूमे झूमे सकल समाज

ले नाच मेरे साथियां जगराते में दी जे बाजे नाच,

नाच गा के झूम के बहियाँ पार लगा लो नईया,

अंकल नाचे अंटी नाचे नाचे ता ता थैयां

फिर न मौका मिलेगा भैया मानो मेरी बात

ले नाच मेरे साथियां जगराते में दी जे बाजे नाच,

गोरी का है लला आया धूम मचाने आज

घर घर ढोल भाजे बहियाँ दी जे भाजे नाच

भगतो की है टोली आई बम चका चक आज

ले नाच मेरे साथियां जगराते में दी जे बाजे नाच,

गणपति भपपा की भगती में भगतो की है झूम

सुनी मंडला छिनवाडा में मची हुई है धूम

हाजरी लगा लो दर पे भैया मिला है मोका आज

ले नाच मेरे साथियां जगराते में दी जे बाजे नाच,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।