लाल झण्डे वालीये

पारंपरिक
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

माई दास धयानु भगत नेणे गुजर दी ।

लाज रखी तू लज पाल नी माँ ।

नैना देवीए नैना च नूर भर दे ।

दे दर्शन कर दे निहाल नी माँ ।

लाल झंडे वालिए मैं तेरा लाल दातीये॥

दे दर्शन॥, ते कर दे निहाल दातीये ऐ।

तेरे चर्चे सुन के आया हा॥,

कर मेहर में बड़ा ही सताया हा ,

तेरे सुने ने बड़े ही कमाल दातीये॥

दे दर्शन॥, ते कर दे निहाल दातीये ऐ।

कद होनी मेरी मंजूरी ए॥,

क्यू पाई मेरे नाल दूरी ए,

नैनी नूर भर रोवे तेरा लाल दातीये ॥

दे दर्शन॥, ते कर दे निहाल दातीये ऐ।

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।