राजस्थान री खाटू नगरी में

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

तर्ज : काली कलायन (पणीहारी)

राजस्थान री खाटू नगरी में

बेठ्यो म्हारो बाबो श्याम

बेठ्यो म्हारो बाबो श्याम

हर पल करे सहाय बाबो श्याम

हर पल करे सहाय बाबो श्याम

राजस्थान री खाटू नगरी ....

भगतां री करूण पुकार सुणे जी

म्हारो लखदातार

दुखड़ा मिटावे जी बाबो श्याम

राजस्थान री खाटू नगरी........

जद जद म्हापे भीड़ पड़े जी

आवे म्हारो पालनहार

संकट काटे जी बाबो श्याम

राजस्थान री खाटू........

भजना रो भूखो साँवरो जी

सुणे मनड़ा रा भाव

किरपा बरसावे जी बाबो श्याम

राजस्थान री खाटू........

"शर्मा श्याम "री या विनती जी

देवो चरणा म स्थान

हिवड़े लगावो जी बाबा श्याम

राजस्थान री खाटू नगरी में

बेठ्यो म्हारो बाबो श्याम

हर पल करे सहाय बाबो श्याम

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।