ये समय समय का फेरा है

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ये समय समय का फेरा है

कब क्या हो किसने जाना है

राज तिलक की थी तैयारी

हर्षित थी नगरी सारी

ककई तो एक बहाना है

वनवास जो होने वाला है

सीता सती साध्वी नारी

महलो को ठोकर मारी

मिरग तो एक बहाना है

सीता हरण जो होने वाला है

राम हुए है दुखी अति भारी

कहाँ गयी मिथलेश कुमारी

पता लगाना एक बहाना है

भक्तो के घर प्रभु को जाना है

सुग्रीव से मिलकर करी मिताई

हनुमत हो गए उनके सहायी

पूंछ की आग तो एक बहाना है

लंका जलना तो होने वाला है

राम रावण का युद्ध था भारी

मारी गई राक्षस सेना सारी

सीता हरण तो एक बहाना है

रावण मरण जो होने वाला है

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।