सुन ले कन्हैया दाऊ जी के भैया

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

सुनले कन्हैया दाऊ जिनके भैया

बीच भंवर मे फंसी हमरी है नैया

सुनले कन्हैया दाऊ जिनके भैया

मेरी नैया के तुम हो खेवईया, सुन लो प्रभु मेरे कृष्ण कन्हैया

पार लगा दो भगवन मेरे बंसी बजैया

सुनले कन्हैया दाऊ जिनके भैया

दिन भर तेरी भक्ति करते, भजन भी सांझ सवेरे करते

चींता से उबारो प्रभु मेरे मुरली बजैया

सुनले कन्हैया दाऊ जिनके भैया

हे भक्त वृ़ँदो के प्राण प्यारे , माता पिता बंधु सखा हमारे

कभी फंसे ना भंवर मे हमे ऐसा वर दो कन्हैया

सुनले कन्हैया दाऊ जिनके भैया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।