अयोध्या नाथ से जा कर पवनसुत हाल केह देन

पारंपरिक
हनुमान जी भजन राम भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना,

तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना

जब से लंका में आई नहीं श्रृंगार है कीन्हा,

नहीं बांधे अभी तक खुले है बाल कह देना

अयोध्या नाथ से जाकर..

यहाँ रावण सदा धमकी मुझे तलवार की देता,

करो तलवार के टुकड़े ये अंजनीलाल कह देना

अयोध्या नाथ से जाकर...

अंगूठी राम को देकर सुनाना हाल सब दिल का,

भूले राम सीता को ये अंजनीलाल कह देना

अयोध्या नाथ से जाकर..

अगर एक मॉस के अन्दर, मेरे राम ना आये,

तो सीता राम ना पाये ये अंजनीलाल कह देना

अयोध्या नाथ से जाकर पवनसुत हाल कह देना,

तुम्हारी लाड़ली सीता हुई बेहाल कह देना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।