मैं हरियाणे का जाट बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

मैं कदका तनै बुलाऊ, मैं कदका तनै बुलाऊ

मैं हरियाणे का जाट बाबा कदका तनै बुलाऊ

इब तावल करकै आ बाबा ना ज्यादा देर लगा बाबा

मैं सादा भोला माणस सु मनै ज्यादा ना तरसा बाबा

तेरी कदका देखु बाट बाबा एकबै तनै बुलाऊ

नैन छोटा मोटा जाट नहीं मेरै किसे बात की आट नहीं

बस एकबै घर नै अजाइये तेरा जी चाहवै वो खाजाइये

मेरै सब बाता के ठाठ बाबा एकबै तनै बुलाऊ

चौधर मैं पूरा हाथ मेरा बाबा चाहिए बस साथ तेरा

मेरै कई कई गाडी चल री सै कती लाई आग नु लगरी सै

मेरै किल्ले 560 बाबा एकबै तनै बुलाऊ

मैं माणस ठोर ठिकाणे का रहनआला सु हरियाणे का

और शहर भिवाणी घर मेरा करू काम मैं भजन बनाने का

मैं नहीं किसे तै घाट बाबा एकबै तनै बुलाऊ

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।