जो बैठे बॉर्डर पे बाबा

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

जो बैठे बॉर्डर पे बाबा छोड़कर के अपना घरबार

मेरे उन फौजी भाइयो का हमेशा सुखी रहे परिवार

बाबा श्याम, बाबा श्याम, मेरे श्याम

मेरे श्याम, बाबा श्याम, मेरे श्याम

ड्यूटी ऊपर खड़े तणे माँ बाबू तै दूर घणे

ओ जननी माँ नै शेर जणे खड़े पहरे पै पहरेदार

बच्चे बहाण और भाई नै घरा छोड़ कै ब्याही नै

देश भक्ति की राही नै कभी ना तजते वो दिलदार

म्हारे फौजी फर्ज निभावै सै हस हस जान लुटावै सै

वतन की लाज बचावै सै रै करकै बैरी का संघार

सुरेश मान प्रणाम करै मेहर सदा श्री श्याम करै

मुकेश ना फौजी आराम करै रह सै हुकम का दावेदार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।