सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका

पारंपरिक
महादेव भजन शिव भजन shiv
॥ पावन पाठ ॥

सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका,

वो बैठे बिठाए ध्यान करे अपने भगतो का

तू तीनो का त्रिपुरारी तेरा तांडव अलबेला है,

है नील कंठ महादेव तूने विष का पिया प्याला है,

तू दया वान देदी तूने सोने की लंका

सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका,

भोले की मस्ती जिस पे चडी वो दुनिया भूल जाता है

वो जिस पर थोड़ी करे दया वो भक सागर तर जाता है

वो आस करेगा पूरी न रखना शंका

सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका,

भूतो प्रेतों की टोली तेरे आगे पीछे रहती है

श्मशान है भोले घर तेरा तेरे सिर से गंगा बेहती है

तू भाव का भूखा भोले न भूखा धन का

सारी दुनिया में भजता मेरे भोले का डंका,

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।