अपने भगतो के घर गए थे गिरधर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन खाटू श्याम भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

अपने भगतो के घर तुम गए थे गिरधर

ये पता है ज़माने को,

बाबा आजाओ ना निर्धन के घर कुछ पल ही बिताने को,

छप्पन भोग लगे तेरे, मेरे घर खा लेना श्याम रुखा सूखा,

घर न हो जो कुछ भी मेरे एक दिन रह लेना तू मेरे संग भूखा,

ये कंगाल हे एक तेरा लाल हे, आया तुझको बुलाने को,

बाबा आजाओ ना......

सोने के सिंघासन पर सदा विराजते हो खाटू वाले,

मेरे फटे पुराने आसान पर एक बार बेठ जा ओ मुरली वाले,

शान होगी न कम बाबा तेरी कसम , आया तुझको बताने को,

बाबा आजाओ ना....

रोज दिवाली होती तेरी , मेरे घर में रहता है सदा अँधेरा,

फूलो पर सोने वाले, काँटों पे बिछोना हे ओ बाबा मेरा,

आके तो आजमा दूँगा पलके बिछा, बाबा तुझको सुलाने को,

बाबा आजाओ ना.......

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।