चित ले गयो री चित चोर

पारंपरिक
श्री कृष्ण भजन कृष्ण भजन krishna
॥ पावन पाठ ॥

चित ले गयो री चित चोर

सखी री मैं तो लूट गयी री

मेरो चलो नहीं कोई जोर

सखी री मैं तो लूट री

रात सखी सपने में वो आयो

ऐसो सुन्दर रूप बनायो

रूप देखत गयी री मैं तो डोर

धीरे से माने मेरी पकड़ी कलाई

मार शर्म सखी मैं शर्मायी

सखी निकले ना मुख से बोल

हार गई सखी दिल की बाजी

ऐसी प्रीत सखी बस लागी

सखी इतने में होई गयी भोर

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।