नाचे रे नाचे हनुमान देखो राम जी की धून में

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

नाचे रे नाचे हनुमान देखो राम जी की धून में

जय श्रीराम, जय श्रीराम

हाथो में ले खड़ताल मस्ती भरी तन मन में

राम को रिझाये राम जी के गुण गाये

राम जी का नाम ये तो जपता ही जाये

नाचे है देकर ताल देखो राम जी की धून पे

धरती भी नाचे अम्बर भी नाचे

ब्रह्मा, विष्णु , शंकर भी नाचे

नाचे है सारा ब्रह्मानंद देखो राम जी की धून में

राम जी भी खुश हुए देख हनुमान को

मस्ती में झूमते वीर बलवान को

नाचे है संग सिया राम मोर सब देव गगन में

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।