आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये

नरेन्द्र चंचल
माता दुर्गा भजन दुर्गा भजन durga
॥ पावन पाठ ॥

आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये

आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये,प्यार तेरे नाल पा लया॥

माँ तेनु लब्या ते जग नू गवाँ लया,

माये प्यार तेरे नाल पा लया

आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये

ओ लखान तोहमता ते सीने वीच छेद माँ,

ओ कदे वेळी हो के साड्डे वल वेख माँ

कदे वेळी हो के साड्डे वल वेख माँ॥

ओ किना दुनिया ने ज़ुल्म कमा लाया

प्यार तेरे नाल पा लया

आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये,

प्यार तेरे नाल पा लया

ओ जींद दिति ए हवाले तेरे कर माँ

ओ सानु दुनिया दा रत्ती वि नहीं डर माँ

ओ अस्सान मीठे वीच ज़हर बड़ा खा लाया

प्यार तेरे नाल पा लया

ओ आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये,

प्यार तेरे नाल पा लया

हो भाँवे राहवान वीच कंडे होन लख माँ

हो आसाँ रहना नहियों तेरे कोलो वख माँ

आसाँ कंडिया नू सीने नाल ला लया

माये प्यार तेरे नाल पा लया

ओ आसाँ जोगियाँ दा भेस बना लाया माये,

प्यार तेरे नाल पा लया॥

माँ तेनु लब्या ते जग नू गवाँ लया,

माये प्यार तेरे नाल पा लया

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।