माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

पारंपरिक
हनुमान जी भजन हनुमान भजन hanuman
॥ पावन पाठ ॥

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

आज दिन मंगलवार का बाबा के मनोहार का

मेरे संग झूमे सजना

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

आज ख़ुशी है इतनी मन में फुले नही समाऊ

मैं दीवानी मैं मस्तानी गुण बाबा के गाउ

आज दिन मंगलवार का बाबा के मनोहार का

मेरे संग झूमे सजना

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

ध्वजा नारियल लाल लंगोटा बाबा को मंगवाया,

छपन भोग बने है घर में दिन खुशियों का आया,

आज दिन मंगलवार का बाबा के मनोहार का

मेरे संग झूमे सजना

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

सेठो का ये सेठ बाला जी है साहूकार तू मेरा

बाबा के कीर्तन में नाचू संग भरतार भी मेरा

आज दिन मंगलवार का बाबा के मनोहार का

मेरे संग झूमे सजना

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

राम कसम मेरे बाला जी मेरे सचे साथी

सारा जीवन रहे सोहनीया बन बाबा की दासी

आज दिन मंगलवार का बाबा के मनोहार का

मेरे संग झूमे सजना

माहरो सालासर महाराज म्हारे आयो अंगना

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।