आ जाता है इक बुलावे

पारंपरिक
श्री गणेश भजन गणेश भजन ganesh
॥ पावन पाठ ॥

आ जाता है इक बुलावे जो जोड़े इन से नाता

देखो देखो आये आये हमारे दाता,

आ जाता है इक बुलावेजो जोड़े इन से नाता

तुझको पूजा मेरे राम ने पार लगाया प्रभु आप ने,

जो सोचा वो किया आप ने हर दम तुमको पाया सामने,

अपने मन की सुनाओ ये है भाग्ये विध्याता,

आ जाता है इक बुलावेजो जोड़े इन से नाता

बचे सिमरे विद्या ये देता जननी सुमरे पुत्र ये देता,

इक दंत है प्रथम देवा दुःख संताप हर लेता,

चार बुजाये चारो दिशाए

खुशियाँ संग में लाता

हो आया जाता है इक बुलावे जो जोड़े इन से नाता

दूध चडाए पान चडाए लड्डूवन का भोग लगाये,

हर गम हर दिन मंगल गाये गणपति देव मनाये ,

मंगल मूरत सजन मोरेया हर वर्ष आता

हो आया जाता है इक बुलावे जो जोड़े इन से नाता

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।