ठुमक ठुमक चले राम लला प्रभु

पारंपरिक
श्री राम भजन राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

ठुमक ठुमक चले राम लला प्रभु

बाजे छमा छम माल भवन विच

कर धन की झंकार

हो रामा रामा गूंजे जय जय कार

लखन भरत शत्रुघ्न लला प्रभु

लोरी सुनत खूब सोने खटोला विच बरसे मेघ की धार,

हो रामा रामा गूंजे जय जय कार

ऋषि मुनि ग्यानी सब सुन के मगन हुए

करने लगे जैकार अवध विच प्रभु जी लिए है अवतार

हो रामा रामा गूंजे जय जय कार

धन्ये कोश्यला माता धन्ये सुमित्रा

धन्ये ककई धन्ये राजा दशरथ घर छाया अन्दन अपार

हो रामा रामा गूंजे जय जय कार

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।