चारों दूल्हा की आरती उतारू ऐ सखी

पारंपरिक
श्री राम आरती राम भजन ram
॥ पावन पाठ ॥

चारों दूल्हा की आरती उतारू ऐ सखी

चितचोरवा की आरती उतारू ऐ सखी

दुल्हिन स मिथलेश कुमारी

दूल्हा दुलरवा स अवध बिहारी

भरी भरी नैना हे निहारु आए सखी

चित्तचोरवा के आरती उतारू हे सखी

चारु दूल्हा के आरती उतारू हे सखी

व्याह विभूषण अंग अंग साजे

मणि मंडप मंगलमय राजे

तन मन धन हे न्यैछारु हे सखी

चारु दूल्हा के आरती उतारू हे सखी

चित्तचोरवा के आरती उतारू हे सखी

इस पावन रचना का पाठ कब और कैसे करना चाहिए? ▾
प्रातःकाल स्नान करके अथवा संध्याकाल में शांत चित्त होकर स्वच्छ आसन पर बैठकर पाठ करना परम फलदायी माना जाता है।
नित्य पाठ करने से क्या आध्यात्मिक लाभ होता है? ▾
नित्य भक्तिभाव से स्मरण व पाठ करने से मन में शांति, एकाग्रता और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।